कोरोना वैश्विक महामारी के मकड़जाल से दुनिया त्रस्त है लॉकडाउन से हम अनलॉक 5 की ओर बढ़ रहे हैं लेकिन लोग अब न तो मास्क लगाते हैं और न ही दो गज की दूरी का पालन करते हैं। कोरोना संक्रमितों की संख्या में आई कमी को देखकर उन्हें ऐसा लगता है कि उन्होंने कोराेना पर विजय प्राप्त कर ली है। भीड़ वाले इलाके में लोग ज्यादा तर बिना मास्क के ही दिखाई पड़ते हैं और कुछ ऐसे लोग हैं जो मास्क मुंह पर नहीं गले में लटकाएं रहते हैं उन्हें देखकर ऐसा लगता है कि या तो उन्हें मास्क लगाने का तरीका नहीं मालूम या उन्हें कोरोना का भय नहीं। ऐसा हमें पढ़े लिखे लोगों के साथ भी देखने को मिलता हैं। दुकानदारों ने दुकानों के बाहर से बंधी रस्सी हटा ली हैं और वे ग्राहक के दुकान के अन्दर प्रवेश करते समय हाथों को सैनिटाइज कराना भूल गए हैं। यह एक सन्देश भी है लोगों के लिए की उनको अब अपनी सुरक्षा स्वयं करनी होगी। दिल्ली में जहां ऐसा लग रहा था कि कोरोना काबू में आ गया है वहां फिर से संक्रमितों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है बुधवार को एक दिन में आठ हजार मामले काफी चिंताजनक है। विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना की दूसरी लहर अभी आने वाली है इसलिए हमें थोड़ी सी भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।
त्योहारों का सीजन शुरू हो गया है धनतेरस, दीवाली की खरीददारी करना लोगों ने शुरू कर दिया है जाहिर है बाजारों में भीड़ बढ़ेगी। हमें अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है सामान लेते समय हमे मास्क, दो गज की दूरी का पालन करना नहीं भूलना हैं।
सरकार कोरोना से बचाव के लिए स्थानीय स्तर पर पोस्टर, होर्डिंग के साथ ही सोशल, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में बड़े पैमाने पर प्रचार प्रसार कर रही है। कोरोना जैसी भयावह बीमारी से ज्यादा से ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है क्योंकि अभी यह नहीं पता की वैक्सीन कब तक आएगी। दुनिया भर में कोरोना वायरस की वैक्सीन पर रिसर्च काफी तेजी में हो रहा है और कुछ कंपनियों का ट्रायल फेज अन्तिम दौर में है लेकिन जब तक वैक्सीन मार्केट में नहीं आ जाती तब तक मास्क ही वैक्सीन है।
सतर्क रहे और स्वास्थ्य रहें। दो गज़ दूरी मास्क है जरूरी।
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